Everything Is In Krishna

Everything Is In Krishna & Krishna Is In Everything

Everything Is In Krishna & Krishna Is In Everything. He is Spiritual Power, Supreme Power, A Supreme Lord.

वन्दे कृष्णं जगत गुरु

कृष्ण ही माँ है
कृष्ण ही पिया है
कृष्ण ही दिया है
कृष्ण ही मीत है
कृष्ण ही प्रीत है
कृष्ण ही जीवन है
कृष्ण ही प्रकाश है
कृष्ण ही जीवनज्योती हैै
कृष्ण ही सांस है
कृष्ण ही आस है
कृष्ण ही प्यास हैै
कृष्ण ही ज्ञान है
कृष्ण ही ससांर है
कृष्ण ही प्यार है
कृष्ण ही गीत है
कृष्ण ही संगीत है
कृष्ण ही लहर है
कृष्ण ही भीतर है
कृष्ण ही बाहर है
कृष्ण ही बहार है
कृष्ण ही प्राण है
कृष्ण ही जान है
कृष्ण ही संबल है
कृष्ण ही आलंबन है
कृष्ण ही दर्पण है
कृष्ण ही धर्म है
कृष्ण ही कर्म है
कृष्ण ही मर्म है
कृष्ण ही नर्म है
कृष्ण ही चमन है
कृष्ण ही मान है
कृष्ण ही सम्मान है
कृष्ण ही प्राण है
कृष्ण ही जहान है
कृष्ण ही समाधान है
कृष्ण ही आराधना है
कृष्ण ही उपासना है
कृष्ण ही सगुन है
कृष्ण ही निर्गुण है
कृष्ण ही आदि है
कृष्ण ही अन्त हैै
कृष्ण ही अनन्त है
कृष्ण ही विलय है
कृष्ण ही प्रलय है
कृष्ण ही आधि है
कृष्ण ही व्याधि है
कृष्ण ही समाधि है
कृष्ण ही जप है
कृष्ण ही तप है
कृष्ण ही ताप है
कृष्ण ही यज्ञः है
कृष्ण ही हवन है
कृष्ण ही समिध है
कृष्ण ही समिधा है
कृष्ण ही आरती है
कृष्ण ही भजन है
कृष्ण ही भोजन है
कृष्ण ही साज है
कृष्ण ही वाद्य है
कृष्ण ही वन्दना है
कृष्ण ही आलाप है
कृष्ण ही प्यारा है
कृष्ण ही न्यारा है
कृष्ण ही दुलारा हैै
कृष्ण ही मनन है
कृष्ण ही चिंतन है
कृष्ण ही वंदन है
कृष्ण ही चन्दन है
कृष्ण ही अभिनन्दन है
कृष्ण ही नंदन है
कृष्ण ही गरिमा है
कृष्ण ही महिमा है
कृष्ण ही चेतना है
कृष्ण ही भावना है
कृष्ण ही गहना है
कृष्ण ही पाहुना है
कृष्ण ही अमृत है
कृष्ण ही खुशबू है
कृष्ण ही मंजिल है
कृष्ण ही सकल जहाँ है
कृष्ण समष्टि है
कृष्ण ही व्यष्टि है
कृष्ण ही सृष्टी है
कृष्ण ही दृष्टि है
कृष्ण ही तृप्ति है
कृष्ण ही भाव है
कृष्ण ही प्रभाव है
कृष्ण ही स्वभाव है
कृष्णस्तु भगवान स्वयं

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